मुंबई। Kamini Kaushal Passes Away: भारतीय सिनेमा की दिग्गज अदाकारा कामिनी कौशल नहीं रहीं। शुक्रवार को मुंबई में 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वेटरन एक्ट्रेस ने 40-60 के दशक में लीड एक्ट्रेस की भूमिका फिल्मों में निभाई और इसके बाद कई फिल्मों में चरित्र किरदार निभाकर दर्शकों के दिलो-जहन में बसी रहीं।
पर्दे पर हुनर, गरिमा और विनम्रता की मूरत दिखने वाली कामिनी कौशल का जन्म 24 फरवरी 1927 को लाहौर (अविभाजित भारत) में हुआ था। उनका असली नाम उमा कश्यप था। दो भाई और पांच बहनों में वो सबसे छोटी थीं।
पढ़े-लिखे परिवार में हुआ जन्म
कामिनी एक प्रभावशाली और पढ़े-लिखे परिवार में पैदा हुई थीं। उनके पिता शिव राम कश्यप अपने जमाने के जाने-माने वनस्पतिशास्त्री थे। सात साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। कामिनी ने लाहौर के गवर्न्मेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली अच्छी पढ़ी-लिखी नायिकाओं में से एक बनाया।
उन्होंने “उमा” नाम से रेडियो पर बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की और बाद में दिल्ली में मंचित नाटकों में अभिनय किया। अपनी बहन की असामयिक मौत के बाद, उन्होंने 1948 में अपने जीजा से विवाह किया और बॉम्बे (अब मुंबई) चली गईं, जहां उन्होंने पारिवारिक जीवन को फिल्म करियर के साथ संतुलित किया, तीन पुत्रों का पालन-पोषण करते हुए अभिनय जारी रखा।
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सिनेमा में योगदान
उन्होंने 1946 में चेतन आनंद द्वारा निर्देशित नीचा नगर से डेब्यू किया, जो कान फिल्म महोत्सव में Palme d’Or जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। इस भूमिका ने ना केवल उनके करियर को ठोस शुरुआत दी, बल्कि सामाजिक रूप से जागरूक सिनेमा के लिए एक मानदंड स्थापित किया।
1940 के दशक के अंत में वो सबसे अधिक फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में से एक थीं और 1947 तथा 1948 के लिए बॉक्स ऑफिस इंडिया की “टॉप एक्ट्रेसेस” सूची में शामिल हुईं। वह पहली प्रमुख अभिनेत्री थीं, जिनके लिए लता मंगेशकर ने जिद्दी (1948) में गाया और इस फिल्म में लता तथा किशोर कुमार का पहला युगल गीत भी था।
कौशल 1963 में प्रमुख भूमिकाओं से चरित्र भूमिकाओं की ओर मुड़ गईं। 1965 में आई सरदार भगत सिंह की बायोपिक शहीद में उन्होंने भगत सिंह की मां का किरदार निभाया था। मनोज कुमार, फिल्म में सरदार भगत सिंह के रोल में थे। हालांकि, वास्तविक जीवन में वो कामिनी कौशल से महज 11 साल ही छोटे थे।

चरित्र अभिनेता के तौर पर मनोज कुमार के साथ कामिनी कौशल ने सबसे ज्यादा 8 फिल्में कीं। कामिनी ने अपने करियर के शीर्ष दौर में जहां दिलीप कुमार, देव आनंद और अशोक कुमार जैसे स्टार्स के साथ फीमेल लीड के रूप में काम किया। वहीं, चरित्र किरदार निभाते हुए राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम किया।
अभिनय के अलावा उन्होंने पूनम और नाइट क्लब जैसी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया, बच्चों की कहानियां लिखीं, तथा एक एनिमेशन फिल्म मेरी परी (1986) बनाई। उनका कार्य टेलीविजन तक फैला, जिसमें शन्नो की शादी जैसे धारावाहिक और ब्रिटिश सीरीज द ज्वेल इन द क्राउन (1984) में भूमिकाएं शामिल हैं।
कामिनी कौशल की प्रमुख फिल्में:
- नीचा नगर (1946)- लीड रोल
- जेल यात्रा (1947)- राज कपूर के साथ पहली फिल्म
- दो भाई (1947)
- शहीद (1948)- दिलीप कुमार के साथ पहली फिल्म
- नदिया के पार (1948)- दिलीप कुमार
- जिद्दी (1948)- देव आनंद के साथ पहली फिल्म
- आग (1948)- राज कपूर का डायरेक्टोरियल डेब्यू
- शबनम (1949)- दिलीप कुमार
- पारस (1949)- मधुबाला और रहमान के साथ पहली फिल्म
- आरजू (1950): दिलीप कुमार के साथ एक और हिट।
- झांजर (1953)
- बिराज बहू (1954)
- आबरू (1956)
- बड़े सरकार (1957)
- जेलर (1958)
- नाइट क्लब (1958)
- गोदान (1963)
धर्मेंद्र के साथ फिल्में
- आदमी और इंसान (1969): सायरा बानो की मां
- यकीन (1969): शर्मिला टैगोर की मां
- इश्क पर जोर नहीं (1970)

कामिनी कौशल इस उम्र में भी फिल्मों में सक्रिय रहीं। बड़े पर्दे पर वो आखिरी बार 2022 की फिल्म लाल सिंह चड्ढा में नजर आईं। इससे पहले 2019 में उन्होंने कबीर सिंह में शाहिद कपूर के साथ काम किया था। 2013 में शाह रुख खान की चेन्नई एक्सप्रेस में भी उन्होंने एक खास भूमिका निभाई थी।

