मुंबई। Anil Kapoor’s Kannada Film: पिछले कुछ सालों में कन्नड़ सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाई है। यश स्टारर केजीएफ और ऋषभ शेट्टी की कांतारा ने कन्नड़ सिनेमा के कद को ऊंचा करने में अहम भूमिका निभाई है। इन फिल्मों की पैन इंडिया अपील ने यश और ऋषभ का नाम हिंदी दर्शकों के बीच भी लोकप्रिय बना दिया।
बॉलीवुड सिनेमा के दिग्गज कलाकार अनिल कपूर ने अपने करियर के शुरुआती दौर में कन्नड़ सिनेमा में काम किया था, मगर हिंदी सिनेमा में मसरूफियत के बाद वो क्षेत्रीय सिनेमा से दूर हो गये। अब अनिल ने एक बार फिर कन्नड़ सिनेमा में काम करने की इच्छा जाहिर की है।
आज ही के दिन 1983 में रिलीज हुई थी अनिल की डेब्यू कन्नड़ फिल्म
1983 में आई मणि रत्नम निर्देशित पल्लवी अनु पल्लवी फिल्म से अनिल ने कन्नड़ सिनेमा में डेब्यू किया था। उनकी यह पहली और आखिरी कन्नड़ फिल्म थी। दिलचस्प संयोग यह है कि दिग्गज निर्देशक मणि रत्नम ने भी इस फिल्म से अपनी निर्देशकीय पारी शुरू की थी।
यह फिल्म 1983 में 7 जनवरी को रिलीज हुई थी और आज 43 साल की हो गई। फिल्म में अनिल के साथ लक्ष्मी और किरण वायराले मुख्यभूमिकाओं में थीं।
अनिल ने इस मौके पर फिल्म की एक क्लिप शेयर करके लिखा- 43 साल पहले, मैंने कन्नड़ सिनेमा में पहला कदम रखा था। तब से अब तक, यह देखना सुखद है कि कन्नड़ सिनेमा किस तरह फलफूल रहा है और भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर परिभाषित कर रहा है।
यश, प्रशांत और ऋषभ को दिया सफलता का क्रेडिट
अनिल ने इसका श्रेय यश, प्रशांत नील और ऋषभ शेट्टी को देते हुए लिखा- यश, प्रशांत, ऋषभ और केजीएफ और कांतारा फिल्मों की टीमों को सलाम है, जिन्होंने कद को इतना ऊंचा कर दिया। उम्मीद है कि कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से यह मेरा आखिरी जुड़ाव नहीं है।
बता दें, 2022 में आई केजीएफ 2 का निर्देशन प्रशांत नील ने किया था और यश ने फिल्म में लीड रोल निभाया था। इस फिल्म ने हिंदी बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ से अधिक कलेक्शन किया था। यश की अगली फिल्म टॉक्सिक 19 मार्च को आ रही है, जो हिंदी में भी रिलीज होगी।
वहीं, कांतारा और कांतारा 2 के जरिए देश में खास पहचान बनाने वाले ऋषभ शेट्टी की अगली फिल्म जय हनुमान है, जो पैन इंडिया रिलीज होगी।

