मुंबई। Dhurandhar Trailer Out: आदित्य धर और रणवीर सिंह की बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित धुरंधर का ट्रेलर 18 नवम्बर को जारी कर दिया गया। किसी फिल्म का ट्रेलर इसलिए जारी किया जाता है, ताकि कहानी और किरदारों से दर्शकों का परिचय हो सके, साथ ही फिल्म को लेकर उत्सुकता का माहौल बने, ताकि वो सिनेमाघरों तक फिल्म देखने पहुंचे।
धुरंधर 5 दिसम्बर को रिलीज हो रही है। फिल्म की रिलीज से लगभग 16 दिन पहले ट्रेलर जारी किया गया है। मगर, क्या ट्रेलर ऐसा है कि दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए विवश करेगा?
क्या है ट्रेलर की कहानी?
ट्रेलर से जो फिल्म की कहानी का पता चलता है, वो यह कि 1971 की जंग में करारी शिकस्त का असर सिर्फ भौगौलिक बदलाव लेकर नहीं आया, बल्कि पाकिस्तानी अवाम के जहन में यह हार एक जख्म के रूप में पैबस्त हो गई और उसने हिंदुस्तान को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मान लिया।
इसी सोच के साथ पले-बढ़े आइएसआइ के मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) के साथ ट्रेलर की शुरुआत होती है। दुश्मनों के प्रति उसकी क्रूरता ने उसे एंजिल ऑफ डेथ का उपनाम दिया है।
पाकिस्तानी की बढ़ती हिमाकतों को रोकने के लिए भारतीय इंटेलीजेंस के अफसर अजय सान्याल, जिन्हें चैरियटर ऑफ कर्मा कहा गया है, पाकिस्तान के आंतकी इलाके में अपने एजेंट (रणवीर सिंह) को प्लांट करते हैं, जिसे रैथ ऑफ गॉड यानी खुदा का कहर कहा गया है। लुक वाइज अजय सान्याल का किरदार भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से प्रेरित दिखता है।
ट्रेलर में अन्य किरदारों में अक्षय खन्ना पाकिस्तानी पॉलिटिशन रहमान डकैत (एपेक्स प्रीडेटर) के किरदार में नजर आते हैं। संजय दत्त पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी चौधरी असलम के रोल में हैं, जिसे द जिन्न कहा गया है।
इन सभी किरदारों का परिचय उनके विशेषणों के अंदाज में किया गया है। अजय सान्याल को छोड़कर हर किरदार एक्शन के साथ इंट्रोड्यूस होता है। इसी के साथ ट्रेलर आगे बढ़ता रहता है। इन किरदारों से मिलने के बाद कहानी भी समझ में आ जाती है।
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कैसा है ट्रेलर?
अब आते हैं इस बात पर कि धुरंधर का यह ट्रेलर दर्शकों को सिनेमाघरों तक जाने के लिए कितना प्रेरित करेगा? ट्रेलर देखकर जहन में यह बात आती है कि निर्माता-निर्देशक आधित्य धर तलवार की तेज धार पर चल रहे हैं। जरा सा भी चूके तो जख्मी होने के पूरे चांसेज हैं।
धुरंधर का विषय बहुत घिसा-पिता है। वही हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान। भारतीय इंटेलीजेंस वर्सेज आइएसआइ। खून बहाते हुए बर्बरता करते पाकिस्तानी और उन्हें धो-धोकर पीटते हिंदुस्तानी। 1971 की जंग। तमाम फिल्मों में दर्शक यह सब मसालों का जायका ले चुके हैं।
ट्रेलर फिल्म को लेकर वो उत्सुकता नहीं जगाता कि मन थिएटर्स में जाने के लिए मचल जाए। अब सारा दारोमदार आदित्यधर के ऊपर है। उन्होंने कहानी को कैसा विस्तार दिया होगा? कैसा स्क्रीनप्ले होगा?कैसे संवाद होंगे? क्या ट्विस्ट्स और टर्न्स होंगे?
अगर, आदित्य फिल्म में ऐसा कुछ दे सके, जो इससे पहले आईं स्पाइ फिल्मों से अलग होगा, तब धुरंधर को बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने से कोई नहीं रोक सकेगा। मेकर्स के पास दो हफ्तों का वक्त है। देखते हैं कि ट्रेलर के बाद फिल्म का प्रमोशन किस दिशा में जाता है।

