मुंबई। Indian National Cinema Academy: हॉलीवुड में ऑस्कर अवॉर्ड देने वाली संस्था द एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की तर्ज पर भारत में भारतीय राष्ट्रीय सिने अकादमी (आईएनसीए- INCA) की स्थापना की गई है, जो भारत की सिनेमाई शक्तियों को एक ही मंच पर लेकर आई है।
भारतीय राष्ट्रीय सिने अकादमी (आईएनसीए) को मुंबई में आधिकारिक रूप से एक राष्ट्रीय सिनेमाई संस्थान के रूप में घोषित किया गया। इसका उद्देश्य सभी भारतीय फिल्म उद्योगों को एक एकीकृत मंच पर लाना है।
भारतीय सिनेमा के लिए एक दीर्घकालिक संस्थान के रूप में कल्पित, आईएनसीए का लक्ष्य भाषाओं, क्षेत्रों और शिल्पों में सहयोग, ज्ञान-साझाकरण, पारदर्शिता और विश्वसनीय मान्यता को बढ़ावा देना है।
कई सेलिब्रिटीज का मिला साथ
यह घोषणा देश भर के प्रमुख फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों की उपस्थिति में की गई, जिनमें रोहित शेट्टी, आनंद एल राय, प्रोसेनजीत चटर्जी, दिल राजू, मनोज तिवारी, नवराज हंस, मनमोहन शेट्टी, खुशबू सुंदर, लक्ष्मी मंचू, अंकुर गर्ग, विष्णु वर्धन इंदुरी, शिबाशीष सरकार शामिल हैं।

साथ ही, विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया इस पहल के मुख्य संरक्षक के रूप में शामिल हुए हैं। घोषणा के दौरान बोलते हुए, आईएनसीए के संस्थापक विष्णु वर्धन इंदुरी ने कहा, “आईएनसीए को इरादे, ईमानदारी और उद्देश्य के साथ बनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य एक स्थायी राष्ट्रीय संस्थान बनाना है, जो उद्योगों में सहयोग को सक्षम बनाए, उत्कृष्टता का निष्पक्ष रूप से उत्सव मनाए और भारतीय सिनेमा के लिए एक सार्वभौमिक प्रतिभा डेटाबेस तैयार करे।”
इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष शिबाशीष सरकार ने कहा, “आईएनसीए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सहयोग, विश्वसनीयता और पारदर्शी प्रक्रियाओं को संस्थागत रूप देने की दिशा में और जो एक एकीकृत पुरस्कार मंच का निर्माण करता है। सभी भारतीय भाषाओं को समान और विश्वसनीय रूप से मनाता है। गिल्ड इस पहल को मुख्य संरक्षक के रूप में समर्थन देने से प्रसन्न है।”
9 मार्च को होगा पहला पुरस्कार समारोह
आईएनसीए पुरस्कारों का पहला संस्करण 9 मार्च को मुंबई में आयोजित होने की घोषणा की गई है, जो इस नए राष्ट्रीय संस्थान की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भारतीय राष्ट्रीय सिने अकादमी एक पुरस्कार मंच से आगे है।
भारतीय सिनेमा के लिए एक नेशनल इकोलॉजी सिस्टम के रूप में संरचित है, जिसमें वार्षिक सिनेमा कॉन्क्लेव, एक पारदर्शी और प्रक्रिया-आधारित पुरस्कार ढांचा और बारह भारतीय फिल्म उद्योगों में अभिनेताओं, तकनीशियनों और रचनात्मक पेशेवरों का एक सार्वभौमिक डेटाबेस शामिल है। यह डेटाबेस उद्योगों और क्षेत्रों में क्रॉस-सहयोग को सक्षम बनाने का उद्देश्य रखता है, जिससे भारतीय फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा।

