राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत: सजा 18 मार्च तक निलम्बित, 1.5 करोड़ जमा करने पर जेल से रिहाई का आदेश

Rajpal Yadav's sentence suspended by Delhi High Court. Photo- Instagram

मुंबई। Rajpal Yadav’s Sentence Suspended: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की एकलपीठ ने सोमवार को उनकी सजा को 18 मार्च तक के लिए निलम्बित कर दिया और उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया।

5 फरवरी से तिहाड़ में बंद हैं राजपाल

यह राहत अभिनेता द्वारा शिकायतकर्ता कंपनी के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद दी गई है। राजपाल यादव 5 फरवरी से तिहाड़ जेल में बंद थे। राजपाल यादव की भतीजी की 19 फरवरी को होने वाली शादी में शामिल होने के अनुरोध पर भी राहत दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत अस्थायी है और अगली सुनवाई तक मान्य रहेगी।

सजा निलंबन की शर्तें

हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए राजपाल यादव पर कई सख्त शर्तें लगाई हैं:

  • 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और उतनी ही राशि का एक जमानती मुचलका पेश करना होगा।
  • पासपोर्ट सरेंडर करना होगा और बिना कोर्ट की अनुमति के देश नहीं छोड़ सकते।
  • अगली सुनवाई 18 मार्च को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होना अनिवार्य।
  • कोई शर्त तोड़ी गई तो आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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दोनों पक्षों के वकीलों का बयान

राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभिनेता ने दोपहर 3 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) शिकायतकर्ता के नाम जमा करा दिया है। उन्होंने कहा कि राजपाल यादव सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और पहले भी 2.5 करोड़ रुपये चुका चुके हैं।

शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के वकील अवनीत सिंह सिक्का ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि राजपाल यादव ने सात चेक जारी किए थे, जो बाउंस हो गए। निचली अदालत ने उन्हें हर चेक पर तीन महीने की सजा और 1.35 करोड़ का जुर्माना सुनाया था।

उन्होंने दलील दी कि 2024 में मीडिएशन के जरिए सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन राजपाल यादव ने बकाया नहीं चुकाया। वकील ने कहा कि हाईकोर्ट ने पहले भी उनकी सजा निलम्बन याचिका में कोई दम नहीं पाया था और वे आदतन अपराधी नहीं हैं, यह तर्क मान्य नहीं।

आगे का रास्ता क्या है?

18 मार्च को मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें राजपाल यादव की मुख्य अपील पर फैसला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, अगर अभिनेता 18 मार्च से पहले शेष बकाया राशि जमा कर देते हैं तो उन्हें स्थायी राहत मिल सकती है।

फिलहाल यह अंतरिम राहत है और कोर्ट ने साफ किया है कि बार-बार वादे तोड़ने पर कोई और छूट नहीं मिलेगी। राजपाल यादव के मैनेजर ने बताया कि अभिनेता जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और पूरी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

इस बीच उनकी पत्नी राधा यादव ने फिल्म इंडस्ट्री के समर्थन के लिए आभार जताया है। यह मामला 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।

फिल्म फ्लॉप होने के बाद चेक बाउंस हो गए और कुल बकाया (ब्याज सहित) करीब 9 करोड़ रुपये पहुंच गया। 2018 में दोष सिद्ध हुआ, जिसे सेशन कोर्ट ने बरकरार रखा। हाईकोर्ट में अपील लम्बित है।