वेब सीरीज: रेडियोएक्टिव इमरजेंसी
कलाकार: जॉनी मसारो,पाउलो गोरगुल्हो, एना कोस्टा आदि।
क्रिएटर: गुस्तावो लिप्सटीन
प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स अवधि: 5 एपिसोड, लगभग 1 घंटा प्रति एपिसोड
वर्डिक्ट: ⭐️⭐️⭐️⭐️
मनोज वशिष्ठ, मुंबई। 1987 ब्राजील के गोइयाना शहर में एक न्यूक्लियर हादसा हुआ था, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस हादसे में चार लोगों की जान गई थी, जबकि एक लाख से ज्यादा लोगों का रेडियोएक्टिव संक्रमण के लिए टेस्ट किया गया था। इनमें से लगभग 250 लोगों को संक्रमित पाया गया, जिनका अस्पतालों में इलाज किया गया।
इस हादसे को न्यूक्लियर रिएक्टर के बाहर होने वाले सबसे बड़े हादसों में माना जाता है। कुछ लोग इसे 1986 में हुए सबसे भयानक हादसे चर्नोबिल से भी बड़ा मानते हैं, क्योंकि गोइयाना के हादसे में न्यूक्लियर पदार्थ शहर के बीचोंबीच था, जिसकी घातक असर की पहुंच का अंदाजा लगाना आसान नहीं था। वहीं, चर्नोबिल हादसा न्यूक्लियर रिएक्टर में लापरवाही के कारण हुआ था।
गोइयाना हादसे पर नेटफ्लिक्स पांच एपिसोड्स की सीमित सीरीज रेडियोएक्टिव इमरजेंसी (Emergência Radioativa) लेकर आया है, जिसमें हादसे के घटित होने, पीड़ितों, इसके फैलाव, नियंत्रण की कोशिशें और विभिन्न महकमों की कार्यशैली को कहानी में पिरोया गया है।
इस सीरीज की सबसे बड़ी खूबी राइटिंग के साथ इसका प्रोडक्शन डिजाइन है। करीब 40 साल पुराने हादसे के दौरान शहर और घटनाओं को बेहद बारीकी से रीक्रिएट किया गया है, जिसने समय के आभास को मिटा दिया है।
क्या है सीरीज की कहानी?
गोइयाना में एक वीरान और खंडहर हुए अस्पताल में नाभिकीय पदार्थ सीसियम-137 से भरा एक भारी-भरकम सिलेंडर रखा है, जिसकी ऊपरी परत लैड धातु से बनी है। कबाड़ बेचकर गुजारा करने वाले दो लड़के उसे खोलते हैं और पार्ट्स को हाथ गाड़ी में ढोकर बाहर निकालते हैं और एक कबाड़ी को बेच देते हैं।
कबाड़ी इस सिलेंडर के अंदरूनी हिस्सों को खोलाता है और जिस मुख्य हिस्से में सीजियम137 का नीला पाउडर होता है, उसे अपने घर ले जाता है। इस घातक विकिरण वाले पाउडर को वो खेल समझते हैं मगर अगले दिन से जो भी इस पदार्थ के सम्पर्क में आया, उसकी तबीयत बिगड़ने लगती है। शुरुआत उल्दी दस्त के साथ होती है और फिर त्वचा पर फफोले पड़ने लगते हैं।
बात खुलती है तो स्वास्थ्य विभाग और नाभिकीय संस्था सीएनईएन (National Nuclear Engery Commission) सक्रिय होती है और शुरू होती है सीजियम 137 को नियंत्रित करने और बीमारों को बचाने की जद्दोजहद।
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कैसा है लेखन और तकनीकी पक्ष?
रेडियोएक्टिव इमरजेंसी सीरीज करीब डेढ़ महीने की कहानी दिखाती है, जिसका सबसे आकर्षक पहलू सीजियम 137 की चपेट में आये लोगों की ट्रेसिंग है। न्यूक्लियर पदार्थ एक वीरान अस्पताल से निकलकर कैसे लोगों के बीच पहुंचा। किस गली, किस घर, किस कुएं, किस नदी और किस बस के सम्पर्क में आया।
कितने लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसके सम्पर्क में आये। पूछताछ के जरिए इसके फैलाव की ट्रेसिंग को सीरीज में रोचक अंदाज में दिखाया गया है। दृश्य ऐसे हैं कि कोई एक्शन या ओवर-द-टॉप इमोशंस के बिना भी रोमांच बना रहता है।
सरकारी इंतजामों के तहत स्टेडियम में टैंट लगाकर संक्रमितों को क्वारंटाइन करना। आपदा प्रबंधन के बीच राजनीति और साइंस के बीच टकराव। सरकारी महकमों की एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपना। भयंकर हादसे के बीच जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का हड़ताल पर जाना।
पीड़ितों का अविश्वास और आशंकाएं। आम नागरिकों का हीरोइज्म तो गैर संक्रमितों की नाभिकीय पदार्थ को लेकर चिंताएं। हादसे के कारणों की जांच, आखिर कैसे इतना खतरनाक न्यूक्लियर सिलेंडर वीरान अस्पताल में बिना किसी सुरक्षा के छोड़ दिया गया। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

सब कुछ सीरीज में समेटा गया है। खास बात यह भी है कि सीरीज में एक बार भी नाभिकीय पदार्थ से भरे सिलेंडर को शहर में लाने वाले लड़कों या उस कबाड़ी को किसी ने जिम्मेदार मानते हुए दोषारोपण नहीं किया।
सीरीज का प्रोडक्शन कमाल का है। 40 साल पहले के गोइयाना को रीक्रिएट करने में बारीकियों का ध्यान रखा गया है। घर, कारें, बसें, एम्बुलेंस, उपकरण, लोगों के कपड़े, मेकअप, हेयरस्टाइल… सब दर्शक को उसी दौर में ले जाते हैं।
किरदारों में डूबे कलाकार
सीरीज का कहानी जिन किरदारों के जरिए आगे बढ़ती है, उनमें नौकरी की तलाश कर रहा नौजवान न्यूक्लियर फिजिसिस्ट मारसियो (जॉनी मसारो) है, जो रियो-डि-जेनेरियो में रहता है और पिता का जन्मदिन मनाने के लिए गर्भवती पत्नी बियांका (मारी लॉरेडो) के साथ गोइयाना आता है। मगर, घटनाएं ऐसा मोड़ लेती हैं कि अनाधिकारिक तौर पर वो बचाव टीम का हिस्सा बन जाता है।
अन्य किरदारों में सीएनईएन के हेड साइंटिस्ट डॉ. ओरेंस्टीन, कबाड़ व्यावसायी एवेनिल्डो, गोइयाना के गवर्नर रोबर्टो, एवेनिल्डो की पत्नी एंटोनिया, गोइयाना में बीमारों का इलाज करने वाले डॉ. इडुराडो, पॉला, सबसे छोटी विक्टम सेलेस्ते की मां कटरीना प्रमुख हैं। इन किरदारों को निभाने वाले कलाकारों ने बेहतरीन काम किया है और अपनी अदाकारी से सीरीज की रवानगी और मिजाज को बनाकर रखा है।

ब्राजीलियन पुर्तगाली के अलावा रेडियोएक्टिव इमरजेंसी हिंदी में भी उपलब्ध है। हिंदी डबिंग अच्छी है, जिससे सीरीज को देखते हुए किरदारों के चित्रण और आवाज में विसंगतियां नहीं आतीं और दिलचस्पी बनी रहती है।
न्यूक्लियर हादसे जैसी घटनाएं ऐसे अपराध है, जिसके लिए किसी एक को जिम्मेदार ठहराना बड़ा मुश्किल है। असल में यह गलतियों और चूकों का एक चक्र है, जिसका परिणाम उसे भी भुगतना पड़ता है, जिसका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं।

