एससी डेस्क रिपोर्टर, दिल्ली। International Film Festival Delhi 2026: दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (International Film Festival Delhi- IFFD) दिल्ली सरकार की फिल्म पॉलिसी के तहत शुरू किया गया एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है।
इस महोत्सवर की शुरुआत दिल्ली को वैश्विक स्तर पर सिनेमा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कहानी कहने का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से की गई है। यह ना केवल फिल्मों का उत्सव है, बल्कि युवा फिल्मकारों, कलाकारों और दर्शकों को एक मंच प्रदान करता है, जहां रचनात्मकता और नवाचार की सराहना की जाती है।
महोत्सव की शुरुआत और इतिहास
IFFD 2026 महोत्सव का पहला संस्करण है। फरवरी 2026 में दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा इसकी घोषणा की गई थी। यह दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DTTDC) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
महोत्सव को दिल्ली फिल्म पॉलिसी 2022 के तहत शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य दिल्ली को फिल्म शूटिंग, पर्यटन और क्रिएटिव इंडस्ट्री का केंद्र बनाना है। यह महोत्सव दिल्ली को सिनेमा की दुनिया में नई पहचान दिलाने का ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है:
- भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा को एक मंच प्रदान करना।
- युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना।
- दिल्ली को फिल्म पर्यटन का हब बनाना और शहर में फिल्म प्रोडक्शन को बढ़ावा देना।
- दर्शकों को मुफ्त और सुलभ फिल्म स्क्रीनिंग के माध्यम से सिनेमा का आनंद प्रदान करना।
- AI, एनिमेशन, दस्तावेजी फिल्मों और नई तकनीकों जैसे नवाचारों को बढ़ावा देना।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली के एडवायजरी बोर्ड में कई निर्देशक, अभिनेता, अभिनेत्री, निर्माता और एक्जिबिशन सेक्टर के कारोबारी शामिल हैं। इनमें राकेश ओम प्रकाश मेहरा, मधुर भंडारकर, मनोज तिवारी, रवि किशन, अनुपम खेर, खुशबू सुंदर, दिव्या दत्ता, आर एस प्रसन्ना, अजय बिजली (पीवीआर सिनेमाज के फाउंडर), शिवाशीष सरकार, निमरत कौर, गुनीत मोंगा आदि प्रमुख हैं।
कब और कहां आयोजित हो रहा है?
महोत्सव 25 मार्च 2026 को शुरू हो चुका है और 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा। मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली है। इसके अलावा शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों और पब्लिक स्पेस पर फ्री पब्लिक स्क्रीनिंग भी होंगी।
यह एक सप्ताह लंबा सिनेमाई उत्सव है, जिसमें रेड कार्पेट, गाला स्क्रीनिंग, मास्टरक्लास, वर्कशॉप और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।

स्क्रीनिंग होने वाली फिल्में
इस बार महोत्सव में 130 से अधिक फिल्में चुनी गई हैं, जिनके लिए दुनिया भर के 101 देशों से 2000 से ज्यादा एंट्री प्राप्त हुई थीं। ये फिल्में भारत और 47 देशों से हैं। इसमें फीचर फिल्में, नॉन-फीचर फिल्में, डॉक्युमेंट्री, शॉर्ट फिल्में और क्षेत्रीय सिनेमा शामिल हैं।
कुछ प्रमुख फिल्में और हाइलाइट्स:
महोत्सव में गाला स्क्रीनिंग, रीजनल सिनेमा और विश्व सिनेमा के विशेष पैकेज शामिल हैं। यह दर्शकों को विविधता भरी कहानियां देखने का अवसर देगा।
- समारोह की ओपनिंग ऑस्कर नॉमिनेटेड स्पेनिश फिल्म Sirat के साथ हुई।
- फेस्टिवल की क्लोजिंग सिंगापुर की फिल्म अमीबा के साथ होगी।
- समारोह में दिग्गज फिल्ममेकर गुरु दत्त की जन्मशती के तहत उनकी कालजयी फिल्मों की स्क्रीनिंग भी रखी हई है, जिसके तहत प्यासा का 4K रेस्टोर्ड वर्जन दिखाया जाएगा। कागज के पूल और आर पार की स्क्रीनिंग भी होगी।

पुरस्कार और सम्मान
महोत्सव नॉन-कॉम्पिटीटिव प्लेटफॉर्म है, लेकिन समापन समारोह में अवॉर्ड सेरेमनी आयोजित होगी। इसमें उत्कृष्ट फिल्मों, फिल्मकारों और कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। समापन शाम को स्टार परफॉर्मेंस और विशेष पुरस्कार वितरण होगा।
समारोह में दिवंगत वेटरन फिल्म कलाकार धर्मेंद्र और शर्मिला टैगोर को सम्मानित किया जाएगा।
विशेष कार्यक्रम
- CineXchange: फिल्म इंडस्ट्री के लिए नेटवर्किंग और पिचिंग सेशन
- CineVerse Expo
- AI Hackathon (AI फिल्ममेकिंग पर)
- Her Lens (महिला फिल्मकारों पर फोकस)
- मास्टरक्लास, पैनल डिस्कशन और वर्कशॉप
समापन और भविष्य
महोत्सव 31 मार्च को भव्य समापन समारोह के साथ समाप्त होगा। यह पहला संस्करण दिल्ली को सालाना फिल्म उत्सव की परंपरा देने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और बड़ा रूप लेगा।

