The Kerala Story 2 Court Case: आदेश आने तक जारी ना करें फिल्म के राइट्स, केरल हाई कोर्ट ने निर्माताओं को दिया निर्देश

The Kerala Story 2 court case. Photo- X

मुंबई। The Kerala Story 2 Court Case: केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को ‘द केरल स्टोरी 2 गॉज बियॉन्ड’ फिल्म के सेंसर प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई की। न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की एकलपीठ ने फिल्म के निर्माताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोर्ट के अंतिम फैसले तक राइट्स जारी ना करें और रिलीज प्रक्रिया आगे ना बढ़ाएं।

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की चिंताओं को “probably genuine” (संभवतः सही) माना और कहा कि मामले को बिना फैसले के व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। फिल्म की रिलीज 27 फरवरी 2026 को तय थी, लेकिन आज के आदेश के बाद यह अनिश्चित हो गई है।

आज की सुनवाई का सार बिंदुओं में जानें:

क्या हैं याचिकाकर्ताओं के आरोप?

याचिकाकर्ताओं श्रीदेव नंबूदिरी (जैव वैज्ञानिक), फ्रेडी वी. फ्रांसिस और अतुल रॉय की ओर से जारी याचिकाओं में मुख्य आरोप हैं:

  • फिल्म के शीर्षक और प्रमोशनल सामग्री से केरल राज्य को गलत तरीके से चित्रित किया गया है।
  • केरल को “लव जिहाद” और धार्मिक कट्टरता का केंद्र दिखाया गया, जबकि फिल्म की कहानी “गॉज बियॉन्ड” बताते हुए केरल से बाहर की घटनाओं पर आधारित है।
  • इससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है और केरलवासियों की गरिमा को ठेस पहुंचेगी।
  • CBFC ने U/A सर्टिफिकेट देकर गलती की, फिल्म को A सर्टिफिकेट मिलना चाहिए था।
  • याचिकाकर्ताओं ने कहा कि “केरल लिव्स इन टोटल हार्मनी” (केरल पूर्ण सद्भाव में रहता है)।

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क्या है निर्माताओं का जवाब?

  • प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने 24 फरवरी को हलफनामा दाखिल कर याचिकाओं को “premature, misconceived और not maintainable” बताया।
  • CBFC ही अंतिम प्राधिकारी है। कोर्ट CBFC के फैसले को ओवररूल नहीं कर सकता।
  • शीर्षक “The Kerala Story 2” फ्रेंचाइजी का हिस्सा है। “Goes Beyond” से साफ है कि कहानी केरल तक सीमित नहीं।
  • याचिकाकर्ताओं का locus standi (याचिका दाखिल करने का अधिकार) नहीं। वे “केरल की गरिमा” का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।
    सीनियर एडवोकेट एस. श्रीकुमार ने कहा- “केरल की कोई अलग गरिमा नहीं है, गरिमा तो भारत की है।”
  • केवल 2 मिनट के टीजर पर फिल्म रोकना गलत। पूरी फिल्म देखे बिना फैसला नहीं हो सकता।
  • आर्थिक नुकसान का हवाला दिया। 1800+ थिएटर्स और ओवरसीज राइट्स प्रभावित होंगे।

क्या है अदालत की राय?

  • न्यायमूर्ति थॉमस ने कहा: “याचिकाकर्ताओं की आशंकाएं संभवतः सही हैं। अगर आप राइट्स कल जारी कर देते हैं तो क्या होगा? मैं आपको समय दूंगा, लेकिन सुनवाई पूरी होने तक रिलीज ना करें।”
  • कोर्ट ने फिल्म खुद देखने की इच्छा जताई, लेकिन निर्माताओं ने स्क्रीनिंग पर शुरुआत में हिचकिचाहट दिखाई तो कोर्ट ने नाराजगी जताई।
  • केरल को “धर्मनिरपेक्ष राज्य” बताते हुए कहा कि यहां साम्प्रदायिक हिंसा की कोई गुंजाइश नहीं।
  • CBFC से पूछा – देहली बेली, चेन्नई एक्सप्रेस जैसे शीर्षकों पर भी तो आपत्ति हो सकती है?

अब क्या होगा?

  • सुनवाई 26 फरवरी (गुरुवार) को सुबह 9:45 बजे फिर से होगी।
  • तब तक फिल्म के राइट्स या रिलीज पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।
  • अगर कोर्ट याचिकाएं खारिज करता है तो फिल्म 27 फरवरी को रिलीज हो सकती है। अन्यथा सर्टिफिकेट रद्द या नाम बदलने का आदेश आ सकता है।