Pahlaj Nihalani Death: गोविंदा और चंकी पांडेय को लॉन्च करने वाले प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन, मुंबई में अंतिम संस्कार आज

Pahlaj Nihalani dies at 76. Photo- X

मुंबई। Pahlaj Nihalani Death: बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और पूर्व सेंसर बोर्ड चेयरमैन पहलाज निहलानी का आज (गुरुवार) सुबह निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे। नानावटी अस्पताल में लीवर की बीमारी (सिरोसिस) से लंबे समय से जूझ रहे निहलानी ने आज सुबह अंतिम सांस ली।

अभिनेता चंकी पांडेय ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। चंकी ने अंतिम संस्कार की सूचना भी साझा की है, जिसके मुताबिक दिवंगत निर्माता का अंतिम संस्कार आज मुंबई के सांताक्रूज में अपराह्न 3 बजे किया जाएगा पहलज निहलानी भारतीय सिनेमा के एक प्रमुख नाम थे, जिन्होंने 1980 के दशक से लेकर 2000 के दशक तक दर्जनों सफल फिल्में बनाईं।

पहलाज ना सिर्फ मनोरंजक सिनेमा दिया, बल्कि कई नए कलाकारों को मुख्यधारा में लाकर बॉलीवुड की दिशा भी बदली।

फिल्म निर्माता के रूप में योगदान

निहलानी ने 1982 में अपनी पहली फिल्म हाथकड़ी से फिल्म निर्माण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने आंधी-तूफान (1985), इल्जाम (1986), आग ही आग (1987), गुनाहों का फैसला (1987), पाप की दुनिया (1988), मिट्टी और सोना (1989), शोला और शबनम (1992), आंखें (1993), अंदाज (1994), दिल तेरा दीवाना (1996), तलाश: द हंट बिगिंस (2003) जैसी कई यादगार फिल्में बनाईं।

उनकी फिल्म इल्जाम अभिनेता गोविंदा की डेब्यू फिल्म थी, जिसने गोविंदा को स्टार बना दिया। इसी तरह आग ही आग चंकी पांडे की पहली फिल्म थी। आंखें (1993) उनके करियर की सबसे बड़ी हिट रही, जो उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार हुई।

निहलानी ने गोविंदा के साथ लंबे समय तक काम किया और बाद में 2012 में अवतार फिल्म का निर्देशन भी किया। उन्होंने जूली 2 (2017) और रंगीला राजा (2019) जैसी फिल्मों का निर्माण और वितरण भी किया।

अन्य जिम्मेदारियां और भूमिकाएं

फिल्म निर्माण के अलावा निहलानी ने बॉलीवुड उद्योग के संगठनात्मक कामों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे 29 वर्षों तक एसोसिएशन ऑफ पिक्चर्स एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स के अध्यक्ष रहे (2009 तक)। साल 2015 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का चेयरमैन नियुक्त किया गया। वे जनवरी 2015 से अगस्त 2017 तक इस पद पर रहे।

इस दौरान उन्होंने फिल्मों में गाली-गलौज, महिलाओं के प्रति हिंसा, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले दृश्यों पर सख्ती से रोक लगाई। उड़ता पंजाब (2016) में 89 कटौतियों की मांग, लिपस्टिक अंडर माय बुरखा को सर्टिफिकेट ना देने जैसी घटनाएं काफी चर्चित रहीं।

कुछ लोगों ने इसे रचनात्मक स्वतंत्रता पर अंकुश माना, जबकि कई लोगों ने इसे नैतिक मूल्यों की रक्षा बताया। 2017 में विवादों के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया।


पहलाज निहलानी एक ऐसे निर्माता थे, जो व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ परिवार-केंद्रित और मूल्य-आधारित सिनेमा पर विश्वास रखते थे। उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दीं, नए सितारों को लॉन्च किया और उद्योग के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया।

उनके निधन पर बॉलीवुड जगत शोक में डूब गया है। कई साथी फिल्मकारों और कलाकारों ने उन्हें “डायनामिक लीडर” और “उद्योग का मार्गदर्शक” बताते हुए श्रद्धांजलि दी है। पहलाज निहलानी की फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित हैं।