मुंबई। Nitin Gadkari in Shekhar Suman’s Show: 14 साल के लंबे इंतजार के बाद शेखर सुमन एक बार फिर अपने खास अंदाज़ में दर्शकों के बीच लौट आए हैं। इस बार वह यूट्यूब पर अपने नए लेट-नाइट टॉक शो ‘शेखर टुनाइट’ के जरिए दर्शकों से जुड़ रहे हैं।
अपने तीखे सवालों, बेहतरीन हास्य और दिल को छू लेने वाली बातचीत के लिए मशहूर शेखर सुमन ने इस नए सफर की शुरुआत केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ की।
शो के पहले ही एपिसोड में गडकरी ने भाषा, राजनीति, जनता के प्रति जिम्मेदारी और देश की विविधता में एकता जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। महाराष्ट्र और मराठी भाषा पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य से बाहर रहने के दौरान उन्हें मराठी भाषा और संस्कृति की असली ताकत और महत्व का गहराई से एहसास हुआ।
मराठी विवाद पर क्या बोले गडकरी?
गडकरी ने कहा, “हमें मराठी भाषा, मराठी संस्कृति, मराठी रंगमंच, मराठी साहित्य, मराठी गीतों और अरुण तथा श्रीधर फडके जैसे कवियों पर गर्व है। जब मैंने महाराष्ट्र से बाहर ज्यादा समय बिताना शुरू किया, तब मुझे सच में मराठी भाषा की अहमियत समझ में आई। हमारी सबसे बड़ी खूबी ‘विविधता में एकता’ है और यही हमारे देश को बेहद खूबसूरत बनाती है।”
बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने हाल ही में हुए मराठी भाषा विवाद का जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “हाल ही में कहा गया था कि जो लोग मराठी नहीं बोल सकते, उन्हें ऑटो या स्कूटर चलाने नहीं दिया जाएगा। इससे हम जैसे बिहारी लोग थोड़ा घबरा गए। हमारा भी ध्यान रखिए।”
इस पर नितिन गडकरी ने मुस्कुराते हुए कहा, “आप बिहारी हैं! मैं आपको एक बात बताता हूं। बिहार अलग राज्य बनने के बाद हमने गंगा नदी पर सबसे ज्यादा पुल और सड़कें बनाईं और पूरे बिहार की तस्वीर बदल दी।
अगर हम बिहारियों के खिलाफ होते, तो क्या यह सब कर पाते? बाद में उन्होंने अपना बयान वापस भी ले लिया। हमने तो यह भी कहा था कि अगर मेरे पास कोई दूसरा काम ना हो और मुझे ऑटो-रिक्शा चलाना पड़े, तो मैं भी मराठी सीखूंगा। क्योंकि अगर आप वहां की भाषा नहीं जानते, तो आपका काम प्रभावित हो सकता है।
हर भाषा को अपने साहित्य और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए, लेकिन यह गर्व कभी कट्टरता या जुनून में नहीं बदलना चाहिए।”
जाति-धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं
अपने सिद्धांतों और सार्वजनिक जीवन के बारे में बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, “मैं तीन बार सांसद चुना गया हूं। मैंने तय कर लिया था कि एक सीमा के बाद मैं अपने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं करूंगा।
एक समय महाराष्ट्र में जाति आधारित आंदोलन काफी जोर पकड़ रहे थे। तब मैंने खुलकर कहा था कि जो भी जाति की राजनीति करेगा, मैं उसका कड़ा विरोध करूंगा। मेरे लिए मेरी लोकसभा सीट का हर व्यक्ति अपना है, चाहे उसने मुझे वोट दिया हो या नहीं। मेरा पूरा क्षेत्र मेरा परिवार है और मैं सभी के लिए समान रूप से काम करता हूं। मैं कभी भी जाति, धर्म, आस्था, भाषा या महिला-पुरुष के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करूंगा।”
अध्ययन सुमन द्वारा निर्मित और धर्मेश संगानी द्वारा प्रोड्यूस किए गए शेखर टुनाइट में शेखर सुमन का वही अंदाज देखने को मिलेगा, जिसे दर्शक पिछले एक दशक से मिस कर रहे थे-बेबाक सवाल, हल्का-फुल्का हास्य और दिल को छू लेने वाली बातचीत। शेखर टुनाइट का नया एपिसोड हर शुक्रवार शाम 6 बजे यूट्यूब पर देखा जा सकता है।
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