मुंबई। Bollywood Movies on NEET Like Exam Scams: जब 12 मई 2026 को NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों में रद्द कर दी गई तो 22 लाख छात्रों के सपने चूर-चूर हो गए। कोचिंग माफिया, प्रॉक्सी एग्जाम, फर्जी डिग्री और लाखों रुपये के सौदे– यह सब आज की हकीकत है।
बॉलीवुड ने इस सिस्टम की सड़ांध को सालों पहले ही पर्दे पर उतार दिया था। सेटर्स, व्हाई चीट इंडिया, पाठशाला, 3 इडियट्स और आरक्षण जैसी फिल्मों ने शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार, पेपर लीक, एडमिशन स्कैम और कोचिंग इंडस्ट्री के अंधेरे को बेनकाब किया।
ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का आइना हैं। आइए जानते हैं, इन फिल्मों की कहानी और वे NEET जैसे घोटालों से कैसे जुड़ती हैं।
सेटर्स (2019)
अश्विनी चौधरी निर्देशित फिल्म सेटर्स भारतीय परीक्षा प्रणाली में नकल माफिया की सेंध और घुसपैठ को दिखाती है। श्रेयस तलपड़े, आफजाब शिवदसानी, विजय राज, पवन मल्होत्रा, जमीन खान और पंकज झा जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म देश में फैले नकल माफिया के जाल का चित्रण है।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन आज NEET परीक्षा कैंसिलेशन के बाद इस फिल्म की प्रासंगिकता बढ़ गई है। शिक्षा माफियाओं के काम करने का तरीका कोई नया नहीं है, मगर सिस्टम उसे रोकने में असफल रहता है।
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व्हाई चीट इंडिया (2019)
इमरान हाशमी स्टारर व्हाई चीट इंडिया का निर्देशन सौमिक सेन ने किया था। यह फिल्म असल घटनाओं से प्रेरित है, जिनमें SSC, HSC पेपर लीक, CBSE री-एग्जाम और व्यापम घोटाले शामिल हैं। इमरान का किरदार राकेश सिंह अमीर छात्रों के पेपेर गरीब और होशियार छात्रों से प्रॉक्सी में एग्जाम लिखवाता है, फर्जी डिग्री बनवाता है और लाखों कमाता है।
फिल्म का टाइटल पहले चीट इंडिया रखा गया था, मगर कुछ लोगों के आपत्ति उठाने के बाद इसे व्हाई चाट इंडिया कर दिया गया।
पाठशाला (2010)
मिलिंद उके निर्देशित नाना पाटेकर और शाहिद कपूर की फिल्म प्राइवेट स्कूलों के भ्रष्टाचार पर तीखा हमला है। स्कूल मैनेजमेंट डोनेशन के नाम पर एडमिशन बेचता है, रिजल्ट फर्जी बनाता है और टीचर्स-स्टूडेंट्स दोनों को शोषण करता है। फिल्म दिखाती है कि शिक्षा अब बिजनेस बन गई है।
3 इडियट्स (2009)
राजकुमार हिरानी की 3 इडियट्स (आमिर खान, आर माधवन, शरमन जोशी) ने रॉट लर्निंग, सुसाइड प्रेशर और क्रिएटिविटी की हत्या को उजागर किया। हालांकि, यह डायरेक्ट पेपर लीक पर नहीं, लेकिन कोचिंग इंडस्ट्री और एंट्रेंस एग्जाम के दबाव को सटीक तरीके दिखाती है। यह फिल्म किताबी शिक्षा के बजाय व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर देती है।
आरक्षण (2011)
अमिताभ बच्चन, सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण अभिनीत आरक्षण का निर्देशन प्रकाश झा ने किया था। यह फिल्म सवर्ण और पिछड़े वर्गों के बीच आरक्षण की खींचतान को रेखांकित करने के साथ इसके पीछे की राजनीति को उजागर करती है। कॉलेज में जाति-आधारित राजनीति, फर्जी सर्टिफिकेट और भ्रष्टाचार कैसे शिक्षा को बर्बाद करते हैं, यह फिल्म दिखाती है।
सुपर 30 (2019)
विकास बहल निर्देशित ऋतिक रोशन की सुपर 30 आनंद कुमार की सच्ची कहानी पर आधारित है। फिल्म गरीब छात्रों को IIT में लाने की मुहिम, लेकिन पीछे कोचिंग माफिया, पैसे का खेल और सिस्टम की नाकामी दिखाती है।

