मुंबई। 72nd National Film Awards 2026: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हर कलाकार का सपना होता है। फिर चाहे वो अभिनेता हो या अभिनेत्री या कोई निर्देशक। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाला हर कलाकार चाहता है कि करियर में एक नेशनल अवॉर्ड जरूर जीते। किसी का यह सपना 10 साल में पूरा होता है तो किसी को कई साल एड़िया घिसने के बाद मेडल मिलता है। शनिवार को जब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की गई तो ऐसे कई सपनों को मंजिल मिली।
इस बार घोषणाओं की खास बात यह रही कि कई ऐसे कलाकार और फिल्ममकार रहे, जिन्होंने अपने करियर में पहली बार देश का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार जीता।
कार्तिक आर्यन- बेस्ट एक्टर (चंदू चैम्पियन)
कार्तिक आर्यन को चंदू चैम्पियन फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से नवाजा गया। यह फिल्म पैरालम्पिक में पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित थी। फिल्म का निर्देशन कबीर खान ने किया, जबकि साजिद नाडियाडवाला इसके निर्माता हैं। कार्तिक ने 2011 की फिल्म प्यार का पंचनामा से अपना करियर शुरू किया था और डेढ़ दशक के करियर में उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। इस दौरान कार्तिक ने फिल्मफेयर और आइफा समेत कई अवॉर्ड्स जीते, मगर 2024 की फिल्म चंदू चैम्पियन ने उन्हें पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड दिलाया।

संजय मिश्रा- बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (भक्षक)
संजय मिश्रा बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों में शामिल हैं, जिनके अभिनय का खास बात उसकी सहजता है। गम्भीर भूमिकाएं हों या हास्य प्रधान किरदार, संजय बड़ी आसानी से उनमें समाते रहे हैं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में सह-कलाकार की भूमिका निभाई, मगर अपने अभिनय से छाये रहे। 1995 की फिल्म ओह डार्लिंग यह है इंडिया से अभिनय करियर शुरू करने वाले संजय ने 30 सालों से ज्यादा के करियर में कई फिल्में कीं, मगर उस हिसाब से उन्हें पुरस्कार नहीं मिले। अब करियर के इस पड़ाव पर पहला नेशनल अवॉर्ड जीतना संजय और उनके फैंस के लिए एक तसल्ली की बात है। संजय को भक्षक फिल्म में अपने किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। 2024 में आई क्राइम थ्रिलर फिल्म का निर्देशन पुलकित ने किया था, जबकि रेड चिलीज एंटरटेनमेंट ने इसका निर्माण किया था।
यामी गौतम- बेस्ट एक्ट्रेस (आर्टिकल 370)
यामी गौतम धर को 2024 की फिल्म आर्टिकल 370 के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री घोषित किया गया। इस फिल्म का निर्माण जिओ स्टूडियोज और उनके पति आदित्य धर की कम्पनी बी62 ने किया था। यामी ने अपना करियर 2010 में कन्नड़ फिल्म से शुरू किया था। विक्की डोनर उनकी पहली हिंदी फिल्म थी। फिल्मों में आने से पहले यामी ने टीवी धारावाहिकों में भी काम किया था। वक्त के साथ यामी ने अपनी फिल्मों और किरदारों के जरिए पहचान बनाई और अब करियर के सोलहवें साल में उन्होंने पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता।
आदित्य धर- बेस्ट फीचर फिल्म (आर्टिकल 370)
आदित्य सुहास जम्भाले निर्देशित आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड भी दिया गया है, जो बतौर निर्माता आदित्य धर का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। यह उनके बैनर बी62 स्टूडियोज की पहली फिल्म थी।
रणदीप हुड्डा- बेस्ट डेब्यूटेंट डायरेक्टर (स्वातंत्र्य वीर सावरकर)
रणदीप हुड्डा की गिनती बॉलीवुड के भरोसेमंद अभिनेताओं में की जाती है। मुख्य भूमिकाओं में उन्हें व्यावसायिक तौर पर भले ही अधिक सफलता ना मिली हो, मगर बतौर कलाकार उन पर कभी शक नहीं किया गया। रणदीप ने कमर्शियल फिल्मों के साथ कंटेंट प्रधान फिल्में भी की हैं। दिलचस्प बात यह है कि 2001 की फिल्म मानसून वेडिंग से अभिनय करियर शुरू करने वाले रणदीप को करियर के 25वें साल में पहला राष्ट्रीय पुरस्कार निर्देशन के लिए मिला। उन्हें 2024 की फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए दिया गया, जिससे उन्होंने बतौर निर्देशक डेब्यू किया। इस फिल्म में रणदीप ने शीर्षक भूमिका भी निभाई। फिल्म में उनके ट्रांसफॉर्मेशन की काफी तारीफ हुई थी।

राजकुमार पेरिसामी- बेस्ट डायरेक्टर (अमरन)
राजकुमार पेरिसामी तमिल निर्देशक हैं और 2024 की फिल्म अमरन के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड विजेता घोषित किया गया। दिलचस्प बात यह है कि अमरन उनकी महज दूसरी फिल्म है। उन्होंने 2017 की फिल्म रंगून से डेब्यू किया था।
ये भी रहे पहली बार के विजेता
इनके अलावा अनल अरासु ने तमिल फिल्म महाराजा के लिए बेस्ट एक्शन डायरेक्शन कैटेगरी में पहली बार नेशनल अवॉर्ड जीता है। पुष्पा 2- द राइज के लिए बंदरेड्डी सुकुमार ने पहली बार बेस्ट स्क्रीनप्ले का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। 2024 में आई बहुचर्चित और ब्लॉकबस्टर फिल्म पुष्पा 2 का सुकुमार ने निर्देशन भी किया था।
मलयालम फिल्म भ्रमयुगम के लिए शेहनाद जलाल ने बेस्ट सिनेमैटोग्राफी कैटेगरी में पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अपने नाम किया।

