Batwara 1947 Motion Poster: नफरत और दहशत के दौर में हिम्मत की कहानी, सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ का मोशन पोस्टर आउट

Batwara 1947 first look motion poster out. Photo- X

मुंबई। Batwara 1947 Motion Poster: साल 2026 में जिन आने वाली फिल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है, उनमें सनी देओल की बंटवारा 1947 भी शामिल है। इस बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्म का इंतजार कई कारणों से किया जा रहा है, जिनकी चर्चा हम आगे करेंगे, मगर पहले यह खबर।

बंटवारा 1947 के मेकर्स ने मंगलवार को फिल्म का फर्स्टलुक मोशन पोस्टर जारी कर दिया है, जिसमें फिल्म की प्रमुख स्टार कास्ट सनी देओल, प्रीति जिंटा, करण देओल, शबाना आजमी और लिलेट दुबे के किरदारों को दिखाया गया है।

1947 के देश विभाजन के दौरान सामने आईं घटनाओं पर बनी फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सनी देओल के फिल्म का मोशन पोस्टर सोशल मीडिया में शेयर किया है, जिसके साथ लिखा है- नफरत और भय के दौर में, उसने हिम्मत को चुना।

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सनी और संतोषी का रीयूनियन

अब आते हैं इस बात पर कि बंटवारा 1947 मोस्ट अवेटेड फिल्म क्यों है। इसकी सबसे बड़ी वजह है सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी का रीयूनियन, जिन्होंने सनी को उनके करियर की सबसे बड़ी और आइकॉनिक फिल्में घायल, दामिनी और घातक दी हैं।

इस जोड़ी के साथ आने का इंतजार लम्बे समय से था। 1996 में घातक के बाद संतोषी और सनी के रास्ते अलग हो गये थे और दोनों ने साथ में काम नहीं किया। अब बंटवारा 1947 के साथ दोनों लौट रहे हैं। उम्मीद है कि संतोषी और सनी का यह मेल पर्दे पर विस्फोट करेगा।

आमिर के साथ सनी पहली बार

दूसरी वजह हैं फिल्म के निर्माता आमिर खान। बंटवारा 1947 का निर्माण आमिर की कम्पनी आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है। देओल फैमिली और आमिर के परिवार का रिश्ता बेहद पुराना है, जो आमिर के अंकल नासिर हुसैन तक जाता है। सनी के पिता धर्मेंद्र ने नासिर साहब के निर्देशन में यादों की बारात जैसी सुपरहिट फिल्म दी, जिससे आमिर ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू किया था।

इसके बाद सनी देओल ने 1984 में आई मंजिल मंजिल में नासिर हुसैन के साथ काम किया था, जिसके वो निर्माता और निर्देशक थे। नासिर की 1985 में आई जबरदस्त में सनी लीड एक्टर थे, जबकि आमिर असिस्टेंट डायरेक्टर थे।

आमिर खान ने दामिनी में स्पेशल अपीयरेंस किया था। आमिर और सनी ने कभी स्क्रीनस्पेस शेयर नहीं किया, मगर इनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टकराती रही हैं और सफल होती रही हैं। आमिर के प्रोडक्शन में सनी देओल का काम करने फैंस की उत्सुकता बढ़ गई है, क्योंकि दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र के महारथी हैं।

जिस लाहौर नई वेख्या का फिल्मी रूपांतरण

बंटवारा 1947 के चर्चा में आने की तीसरी वजह वो ऐतिहासिक नाटक है, जिस पर फिल्म बनी है। यह नाटक है जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्या ए नहीं, जिसे असगर वजाहत ने लिखा था। यह बेहद लोकप्रिय नाटक है, जो बंटवारे के दर्द को बाअसर ढंग से उकेरता है और देखने वालों को जज्बात से भर देता है। इस नाटक के फिल्मी रूपांतरण में सनी को देखना एक यादगार अनुभव हो सकता है।

बंटवारा 1947 के इंतजार की चौथी और सबसे अहम वजह खुद सनी देओल हैं, जो विभाजन की विभीषिका पर बनी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर गदर एक प्रेम कथा और इसका सीक्वल गदर 2 दे चुके हैं। फैंस सनी को एक बार फिर उसी अंदाज में देखने के लिए बेताब हैं।

बंटवारा 1947 में अली फजल, अभिमन्यु सिंह भी अहम किरदारों में दिखेंगे। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने दिया है और गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं। बता दें, फिल्म का टाइटल पहले लाहौर 1947 था, जिसे बाद में बदल दिया गया।