मुंबई। Shatrughan Sinha Re-affirms His Loyalty to TMC: पश्चिम बंगाल के विधान सभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद पार्टी में लगातार बगावत जारी है। कई सांसद और विधायक ममता बैनर्जी का साथ छोड़कर जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा में 20 राज्यसभा सांसदों का गुट है, जिनक बगावत की चर्चा दिल्ली तक है।
पिछले दिनों खबरें आ रही थीं कि इनमें हिंदी सिनेमा के वेटरन एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल हैं, जिन्होंने बागियों के साथ हाथ मिला लिया है, मगर गुरुवार को वेटरन एक्टर ने अपना स्टैंड साफ कर दिया और कहा कि ममता बैनर्जी बुरे वक्त में उनके साथ थीं, लिहाजा अब वो उनका साथ नहीं छोड़ेंगे।
ममता बैनर्जी का साथ देना मेरा फर्ज: शत्रुघ्न सिन्हा
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आसनसोल से टीएमसी एमपी ने कहा- कई दिनों से मैं चर्चा का विषय हूं। मेरे बारे में बातें हो रही हैं। कुछ सही कह रहे हैं। कुछ अफवाहों के आधार पर कह रहे हैं। कुछ कह रहे हैं कि बागी गुट में शामिल हो गया हूं। ऐसे तो मेरा नेचर बागी है ही, मैं तो हमेशा कहता हूं कि अगर सच कहना बगावत है तो समझो मैं भी बागी हूं। मैं हमेशा सच कहता हूं। स्पष्टवादिता मेरी आदत है।
ममता बैनर्जी ने मेरे बुरे वक्त में मेरा साथ दिया था, आज उनकी दुख की घड़ी में मैं उनका साथ नहीं छोडूंगा। मैं जोड़ा फूल के प्रतीक पर चुनाव लड़कर आया हूं, एक बार नहीं दो-दो बार तो आज मेरा कर्त्तव्य है कि मैं ममता जी का साथ निभाऊं।

शत्रुघ्न ने यह भी खुलासा किया कि बागी गुट ने उन्हें अपने साथ आने के लिए कहा था, मगर अभिनेता ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि बागी गुट में भी उनके कई मित्र हैं। उनका मानना है कि मतभेद हो सकते हैं, मनभेद ना हो। हो सकता है, उन्होंने मेरा भला ही सोचा हो, मगर सैद्धांतिक रूप से यह मेरा फर्ज बनता है कि इस घड़ी में मैं उनके साथ रहूं।
मुश्किल वक्त में जहाज छोड़ना ठीक नहीं: बाबुल
सिंगर और टीएमसी के राज्य सभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने भी साफ कर दिया कि वो भी ममता बैनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। बाबुल ने एक्स पर लिखा- मैं ना तो किसी गुट को ज्वाइन कर रहा हूं और ना ही पार्टी। मैं वही कर रहा हूं, जो सही है। जब जहाज पानी में संघर्ष कर रहा हो तो उसे छोड़ना ठीक नहीं।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद टीएमसी में निरंतर टूट की खबरों के बीच इन कलाकारों बयान पार्टी के लिए बड़ी राहत लेकर आये हैं, क्योंकि पार्टी को इस मुश्किल घड़ी में ऐसे लोगों की सख्त जरूरत है, जो पार्टी के लिए वफादारी का मुजाहिरा खुलकर करें।

