मुंबई। PM Modi on Dhurandhar: आदित्य धर निर्देशित फिल्म धुरंधर पिछले साल दिसम्बर में रिलीज हुई थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचते हुए 895.96 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था और अब इसकी सीक्वल धुरंधर द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास बना रही है।
इन दोनों ही फिल्मों को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। तमाम लोगों ने इन्हें मौजूदा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी के पक्ष में प्रोपेगेंडा फिल्में कहां। खूब पोस्ट लिखी गईं और वीडियोज बनाये गये। बीजेपी समर्थकों ने इन आलोचनाओं का खंडन भी किया, मगर अब धुरंधर को सबसे बड़ा सपोर्ट सीधे पीएम मोदी से मिला है।
विपक्ष को कहा- झूठ बोलने में माहिर
केरल में एक चुनावी रैली को सम्बोधित करते हुए पीएम का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वो विपक्ष पर हमला करते हुए प्रोपेगेंडा कही जाने वाली फिल्मों की तरफदारी करते हैं।
जो एक मिनट की क्लिप एक्स पर शेयर की जा रही है, उसमें मोदी कहते हैं- झूठ बोलने में माहिर हैं। जब केरला स्टोरी आई फिल्म…कहा सब झूठ है। कश्मीर फाइल आई तो बोलने लग गये सब झूठ है। धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे झूठ है। कुछ भी करो, बता देना, झूठ फैला देना।
इन दिनों एफसीआरए को लेकर भी ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूजीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि धुरंधर, कश्मीर फाइल और केरला स्टोरी जैसी फिल्मों के लिए झूठ फैलाया जा रहा है।
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नोटबंदी को सही ठहराती है आदित्य धर की फिल्म
बता दें, धुरंधर पर प्रोपेगेंडा फिल्म होने के जितने आरोप लगे, उससे कहीं अधिक धुरंधर 2 को लेकर लगाये जा रहे हैं। दरअसल, फिल्म में मोदी सरकार के सबसे विवादित फैसले नोटबंदी को जस्टिफाई किया है, जिसको लेकर फिल्म की तीखी आलोचना की गई।
फिल्म में दिखाया गया कि रातोंरात नोटबंदी इसलिए की गई, क्योंकि उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने देश में 60 हजार करोड़ रुपये के नकली करेंसी भेजी थी। इसे बर्बाद करने के लिए नोटबंदी की गई।
हालांकि, रियल लाइफ में सरकारी की ओर से ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक तौर पर नहीं दी गई कि पाकिस्तान से भेजी गई नकली नोटों को रोकने के लिए नोटबंदी की गई थी।
2016 में हुई थी नोटबंदी
गौरतलब है कि 2016 में 500 और 2000 के नोट अचानक बंद करने से देश में अफरा-तफरी फैल गई थी।
नोट बलदवाने के लिए लोगों की लम्बी-लम्बी लाइनें बैंकों के सामने लग गई थीं। इस दौरान कुछ अप्रिय घटनाएं भी हुईं और दबाव में लोगों की जानें चली गई थीं। मोदी सरकार का यह वो फैसला था, जिसकी चर्चा इसके बाद बीजेपी ने बिल्कुल नहीं की थी, जैसे कुछ हुआ ही ना हो।
अब मोदी के रैली में बयान के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया में बवाल मच गया है और लोग धुरंधर को वास्तविक बताने के लिए मोदी को ट्रोल कर रहे हैं।

