मुंबई। Don 3 Ranveer Singh Row: फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने सोमवार को ‘डॉन 3’ विवाद पर अपना अंतिम फैसला सुना दिया। फिल्म वर्कर्स के अम्ब्रेला संगठन ने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन का आदेश जारी कर दिया है।
इसका मतलब है कि FWICE से जुड़ी 32 से अधिक एसोसिएशंस (निर्देशकों से लेकर स्पॉट बॉयज तक) अब रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगी, जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता। FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित और अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रणवीर सिंह से तीन बार संपर्क करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला।
संगठन ने फिल्म निर्माताओं के हितों की रक्षा करते हुए यह कदम उठाया है, ताकि प्रोजेक्ट से अचानक निकलने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगे। यह फैसला फरहान अख्तर की शिकायत पर आधारित है, जिसे इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के माध्यम से FWICE को भेजा गया था।

कैसे हुई विवाद की शुरुआत?
इस विवाद की कहानी 2024 में शुरू हुई थी, जब एक्सेल एंटरटेनमेंट (फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी) ने अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की लीजेंड्री ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी का नया अध्याय डॉन 3 शुरू करने की घोषणा की।
फरहान अख्तर निर्देशन संभाल रहे थे और रणवीर सिंह को नये ‘डॉन’ के रूप में चुना गया। अभिनेता लगभग दो साल तक प्रोजेक्ट से जुड़े रहे। वह स्क्रिप्टिंग प्रोसेस में भी शामिल थे और फिल्म की घोषणा के साथ ही काफी हाइप पैदा हुई थी।
दिसंबर 2025 में रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की बड़ी सफलता के तुरंत बाद विवाद भड़क उठा। रणवीर ने शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले प्रोजेक्ट से बाहर होने का फैसला लिया। सूत्रों के मुताबिक, कारण क्रिएटिव डिफरेंसेज था- रणवीर को स्क्रिप्ट और डायलॉग्स की भाषा पसंद नहीं आई।
उन्होंने मजबूत, बोल्ड भाषा की मांग की थी, जबकि फरहान की टीम इसे मूल ‘डॉन’ स्टाइल से जोड़कर रखना चाहती थी। रणवीर पक्ष का दावा था कि मेकर्स अन्य प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा फोकस कर रहे थे और प्रोफेशनलिज्म की कमी थी।

फाइनेंशियल दावे और शुरुआती प्रयास
एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इस एग्जिट को भारी नुकसान बताया। प्री-प्रोडक्शन खर्चों के चलते करीब 40-45 करोड़ रुपये का क्लेम किया गया। फरहान और रितेश सिधवानी ने पहले प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया में शिकायत दर्ज कराई।
मार्च 2026 में आमिर खान और ऋतिक रोशन जैसे सीनियर स्टार्स ने दोनों पक्षों के बीच मीडिएशन की कोशिश की। अप्रैल में कुछ रिपोर्ट्स में समझौते की खबरें भी आईं, जिसमें रणवीर ने साइनिंग अमाउंट (करीब 10 करोड़ रुपये) लौटाने की पेशकश की थी।
हालांकि, मामला पूरी तरह सुलझा नहीं। फरहान अख्तर ने अप्रैल में विवाद को “मैसी” करार दिया था और कहा था, “कुछ चीजों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।”
उन्होंने ‘डॉन 3’ को अभी भी अपने दिल के करीब बताया, लेकिन रणवीर की अनुपस्थिति में फिल्म के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए। रणवीर सिंह की तरफ से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया।
FWICE का हस्तक्षेप और आज का फैसला
अंततः फरहान ने IFTDA के जरिए FWICE से संपर्क किया। संगठन ने शिकायत की जांच की, दोनों पक्षों से बात की और आज (25 मई) दोपहर 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसला घोषित कर दिया। FWICE ने स्पष्ट किया कि अभिनेता का अचानक एग्जिट छोटे-बड़े प्रोड्यूसर्स दोनों के लिए खतरा है। अशोक पंडित ने कहा, “यह पैटर्न नहीं बनना चाहिए। हर फिल्म ‘धुरंधर’ जैसी ब्लॉकबस्टर नहीं होती।”
प्रभाव और आगे क्या?
यह बैन रणवीर सिंह के आगामी प्रोजेक्ट्स, खासकर ‘धुरंधर 3’ और ब्रांड एड्स, को सीधे प्रभावित कर सकता है। सूत्र बताते हैं कि फरहान-रितेश अब भी समझौते के लिए तैयार हैं। अगर रणवीर साइनिंग फीस लौटाते हैं और मुद्दा सुलझ जाता है तो बैन हट सकता है।

