Ranveer Singh VS FWICE: गहरा हुआ रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच विवाद, ‘धुरंधर 2’ एक्टर ने संगठन को भेजा कानूनी नोटिस

Ranveer Singh VS FWICE. Photo- X

मुंबई। Ranveer Singh VS FWICE: रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के बीच विवाद अब गहरा हो गया है। धुरंधर एक्टर ने फिल्म संगठन को लीगल नोटिस भेजा है। यह कदम FWICE द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी किए गए नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव के एक हफ्ते बाद उठाया गया है, जो ‘डॉन 3’ फिल्म से उनके अचानक बाहर निकलने के विवाद से जुड़ा है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह ने मंगलवार (2 जून) को FWICE को यह नोटिस भेजा। नोटिस का मजमून अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन FWICE को अदालत में इसका जवाब देना होगा। FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने पुष्टि की कि फेडरेशन को नोटिस मिल गया है और आज (3 जून) मुंबई में एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई जा रही है, जिसमें इस पूरे मामले पर बयान जारी किया जाएगा।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला ‘डॉन 3’ फिल्म से शुरू हुआ। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन कंपनी ने अगस्त 2023 में रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में अनाउंस किया था। फिल्म का टीजर भी रिलीज हुआ, लेकिन प्री-प्रोडक्शन देर से शुरू हुआ।

दिसंबर 2025 में शूटिंग शुरू होने से महज कुछ हफ्ते पहले रणवीर ने फिल्म छोड़ दी। फरहान अख्तर ने अप्रैल 2026 में FWICE के पास शिकायत दर्ज कराई। उन्‍होंने दावा किया कि प्री-प्रोडक्शन पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे।

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अंतरराष्ट्रीय रेकी, लोकेशन, एकॉमोडेशन और क्रू की तैयारी में भारी निवेश हुआ था। FWICE ने रणवीर सिंह को तीन बार व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए नोटिस भेजे, लेकिन एक्टर ने खुद नहीं आए। उनकी टीम ने ईमेल के जरिए FWICE के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया और सेक्रेटरी के जरिए मीटिंग ऑफर की, जिसे फेडरेशन ने ठुकरा दिया।

25 मई 2026 को FWICE ने अपना फैसला सुनाया। फेडरेशन के 4 लाख से ज्यादा सदस्यों (टेक्नीशियंस, लाइटमैन, स्पॉट बॉय आदि) को निर्देश दिया गया कि वे रणवीर सिंह की किसी भी फिल्म में काम ना करें, जब तक एक्टर व्यक्तिगत रूप से मुद्दे का समाधान नहीं कर लेते।

FWICE प्रेसीडेंट बीएन तिवारी और चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “कोई सुपरस्टार कानून से ऊपर नहीं है। हमारा कोई भी मेंबर, किसी भी क्राफ्ट का, उनके प्रोजेक्ट्स पर काम नहीं करेगा। हम सभी प्रोड्यूसर्स से अपील करते हैं कि वे हमारा साथ दें।”

रणवीर सिंह की प्रतिक्रिया

FWICE के डायरेक्टिव के तुरंत बाद रणवीर सिंह की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया, “रणवीर सिंह फिल्म फ्रेटरनिटी और डॉन फ्रेंचाइजी से जुड़े हर व्यक्ति का सम्मान करते हैं। उन्होंने हाल के डेवलेपमेंट पर चुप्पी साधे रखी है, क्योंकि वे मानते हैं कि प्रोफेशनल चर्चाएं और निजी समीकरणों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ सुलझाया जाना चाहिए। कई अनुमान सामने आए, लेकिन रणवीर ने कभी सार्वजनिक रूप से जवाब नहीं दिया। उनका फोकस अब अपनी आने वाली फिल्मों पर है।”

FWICE का बचाव और कानूनी पहलू


अशोक पंडित ने बाद में स्पष्ट किया कि यह “बैन” नहीं, बल्कि “नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव” है। हालांकि, अन्य इंडस्ट्री संगठनों (जैसे CINTAA) ने इस कदम पर सवाल उठाए। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि 2017 में कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने FWICE के खिलाफ फैसला दिया था।

CCI ने कहा था कि FWICE प्रोड्यूसर्स पर केवल अपने सदस्यों से ही काम करवाने का दबाव नहीं डाल सकती और ना ही कोई सजा लगा सकती। वहीं, दिग्गज प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल ने पहले ही बॉम्बे सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर FWICE के डायरेक्टिव को चुनौती दी है।